Corn Flour meaning in Hindi कॉर्नफ्लोर मीनिंग इन हिंदी

हमारे देश में कई तरह की खेती की जाती है। यह खेती हर मौसम के अनुसार अलग-अलग तरह से की जाती है। खेती करने के दौरान जो फसल उगती है उनमें बहुत जरूरी पोषक तत्व पाए जाते हैं। जो कि हमारे शरीर के लिए बहुत जरूरी होते हैं। आज हम यहां पर आपको कॉर्न फ्लोर के बारे में जानकारी देने आए हैं।

Corn Flour meaning in Hindi

Corn Flour meaning in hindi – कॉर्नफ्लोर के बारे में कौन नहीं जानता है।कॉर्न फ्लोर को आप सभी बहुत अच्छे से जानते हैं। कोर्न फ्लोर का प्रयोग मुख्य रूप से सभी फ्राइड रेसिपीज को क्रिस्पी बनाने के लिए किया जाता है।

आज भी बहुत से लोगों के दिमाग में एक बहुत बड़ा कंफ्यूजन सा रहता है लोग कॉर्नफ्लोर और मक्के के आटे को एक ही समझते हैं लेकिन आज हम आपके इस कंफ्यूजन को भी दूर कर देते हैं कॉर्नफ्लोर मीनिंग इन हिंदी के बारे में तो बताएंगे ही साथ में आपके दिमाग में चल रहे इस कन्फ्यूजन को भी दूर करने वाले हैं आखिर कॉर्नफ्लोर और मक्के का आटा एक ही होता है या अलग होता है इसके बारे में भी बताने वाले हैं आइए बिरादरी के जानते हैं कॉर्नफ्लोर मीनिंग इन हिंदी के बारे में जानकारी..

कॉर्नफ्लोर क्या होता है?

कॉर्न फ्लोर को मक्के का आटा कहां जाता है हिंदी में इसको मकई का स्टाफ भी बोलते हैं मक्के का आटा कलर का होता है जो कि देखने में बिल्कुल बेकिंग सोडा की तरह लगता है कॉर्नफ्लोर से कई तरह खाने की रेसिपी बनाई जाती है कॉर्न फ्लोर का तड़का खाने में स्वाद डाल देता है और रेसिपी को एकदम कृषि बना देता है वर्तमान समय में तो लोग इसको हर रेसिपी के अंदर इस्तेमाल करते हैं खासकर चायनीज रेसिपी हो या फिर आलू की टिक्की या अन्य कोई भी रेसिपी में कॉर्न फ्लोर का इस्तेमाल होता ही है।

Corn Flour meaning in hindi

कॉर्न फ्लोर को मक्के का आटा कहा जाता है । मक्के का आटा कॉर्नमील आटा होता है। जोकि मक्के के दानों को सुखाकर उनको उसी अवस्था में पीसकर तैयार किया जाता है मुख्य रूप से यह पीले रंग के या फिर हल्के पीले रंग के होते हैं यानी कि मक्के का आटा थोड़ा हल्का सफेद पीले रंग का होता है । इसको थोड़ा दरदरा और पारीक पीसा जाता है। 

कॉर्न फ्लोर मक्की के दाने के ऊपरी हिस्से सीड कवर कहते हैं। और इसके अंदर के हिस्से को एंडोस्पर्म कहा जाता है। जो कि मुख्य रूप से सफेद रंग का होता है। कॉर्न फ्लोर बनाने के लिए इस सफेद हिस्से को सुखाकर बारीक पाउडर की तरह तैयार किया जाता है इसी को ही कॉर्नफ्लोर कहते हैं। कॉर्न फ्लोर को अलग-अलग जगह अलग-अलग नामों से पुकारते हैं भारत में इसको कॉर्नफ्लोर के नाम से जानते हैं वहीं अमेरिका जैसे बड़े देश में इसको कॉर्नस्टार्च के नाम से जाना जाता है। मक्के का आटा बहुत चिकना होता है इसलिए अंदर के हिस्से से कॉर्नफ्लोर तैयार किया जाता है।

कॉर्नफ्लोर के प्रयोग से होने वाले फायदे

  • कॉर्नफ्लोर के अंदर फाइबर की मात्रा पाई जाती है जो हमारे शरीर के लिए बहुत फायदेमंद होती है एक चम्मच कॉर्नफ्लोर में 1 ग्राम फाइबर पाया जाता है।
  • कॉर्नफ्लोर के अंदर विटामिन बी के साथ-साथ और भी कई तरह के महत्वपूर्ण पोषक तत्व होते हैं जो शरीर के लिए उपयोगी है।
  • कॉर्नफ्लोर के अंदर एंटीऑक्सीडेंट पॉली पैनल जैसा तत्व पाया जाता है जो शरीर में सूजन की समस्या को दूर करता है।
  • कॉर्नफ्लोर में फाइबर के कई तत्व मौजूद होते हैं जो शरीर की पाचन तंत्र की समस्याओं के लिए फायदेमंद है ।

कॉर्नफ्लोर के प्रयोग से होने वाले नुकसान

कॉर्नफ्लोर के ज्यादा इस्तेमाल से भी कई तरह के नुकसान होने की संभावना होती है जो कि हमारे लिए सही भी नहीं है आइए जानते हैं..

  • कॉर्न फ्लोर का आप ज्यादा खाने में प्रयोग कर रहे हैं तो इससे आपका तेजी से वजन पड़ने लग जाएगा। कॉर्न फ्लोर  के अंदर  कैलरी और कार्बोहाइड्रेट ज्यादा पाई जाती है।
  • कॉर्नफ्लोर के प्रतिदिन प्रयोग से osteoporosis होने का खतरा बना रहता है। कॉर्नफ्लोर में कैल्शियम की मात्रा भी अधिक पाई जाती है जिससे शरीर में कैल्शियम की कमी हो जाती है जो कि हड्डियों में समस्या पैदा कर देती है ।
  • कॉर्न फ्लोर को प्रतिदिन खाने से भी हड्डियों के जोड़ों में दर्द की शिकायत रहती है।
  • अगर आप खाने में कॉर्नफ्लोर अधिक खा रहे हैं तो इससे आपके पेट फूलने की समस्या शरीर में सूजन और जोड़ों में दर्द जैसी समस्याएं बनी रहेंगी।
  • खासकर कॉर्नफ्लोर का अधिकतम प्रयोग पेट में गैस की समस्या बना देता है। जिससे पेट में अपच, ऐठन, आंतो में भी कई तरह की समस्याएं बन जाती है।

कॉर्न फ्लोर (corn flour) और मक्की के आटे में अंतर

 बहुत से लोगों के मन में एक सवाल बना रहता है कि कॉर्नफ्लोर और मक्के का आटा दोनों अलग-अलग होते हैं तो आप की जानकारी को हम बता दें कि यह दोनों एक ही होते हैं। मक्के का आटा ही कॉर्नफ्लोर होता है। कॉर्नफ्लोर मक्की का स्टार्ट होता है। इसको कॉर्नस्टार्च भी कहते हैं। कोर्नफ्लोर बनाने के लिए सबसे पहले मक्के के दाने  के ऊपर के छिलके को हटा दिया जाता है।

फिर उस को बारीक पीसकर एक पाउडर की तरह तैयार किया जाता है। जो कि बिल्कुल बेकिंग पाउडर की तरह बन जाता है। मक्की का आटा यहां उसके दानों को सुखाकर तैयार किया जाता है। मक्के का आटा पीले और सफेद रंग का होता है और यह आपको दरदरा और बारीक के रूप में मिलता है। जबकि कॉर्नफ्लोर तो बिल्कुल ही हल्के पीले या फिर सफेद रंग के पाउडर के रूप में  आप देख सकते है।

कॉर्न फ्लोर का उपयोग

कॉर्न फ्लोर का मुख्य रूप से प्रयोग रसोई घर में ही किया जाता है यानी की रसोई घर में बहुत सी रेसिपी बनाई जाती है जिनमें कॉर्नफ्लोर का प्रयोग होता है या यूं कहे कि कॉर्नफ्लोर के बिना वह सभी रेसिपीज बनाई नहीं जाती है । वैसे  कई बीमारियों के इलाज के लिए भी कॉर्नफ्लोर काम में लेते हैं। कॉर्न फ्लोर का इस तरह से प्रयोग करते हैं..

  • कॉर्न फ्लोर का प्रयोग कटलेट या फिर कुछ तलने वाले नाश्ते में इसका प्रयोग करते हैं। कॉर्नफ्लोर मुख्य रूप से वाइंडिंग के लिए बहुत अच्छा काम आता है। किसी भी खाने की चीज मे  कॉर्न फ्लोर को मिला दिया जाता है तो वह तलने के बाद में फैलती नहीं है। 
  • कॉर्न फ्लोर का प्रयोग सूप और सॉस को गाढ़ा करने के लिए भी करते हैं।
  • कॉर्नफ्लोर का प्रयोग खाने की चीजों के अलावा बेबी पाउडर बनाने के लिए भी काम लेते हैं।
  • कॉर्न फ्लोर में ग्लूकोस की सप्लाई को मजबूत करने के गुण पाए जाते हैं ग्लाइकोजन स्टोरेज के मरीज के ब्लड शुगर लेवल को सही रखने के लिए यह फायदेमंद होता है।
  • बायोप्लास्टिक और एयर बैग बनाने में भी कॉर्नफ्लोर का इस्तेमाल किया जाता है।
  • कॉर्नफ्लोर में एंटीक एजेंट होता है जो कि प्राकृतिक रूप से बने लेटेस्ट मेडिकल प्रोडक्ट में इसको उपयोग में लेते हैं जैसे कि टाइप फ्रॉम कंडोम और मेडिकल दस्ताने आदि।

Corn Flour in hindi

Conclusion

आज हमने इस आर्टिकल में आपको “Corn Flour meaning in hindi कॉर्नफ्लोर मीनिंग इन हिंदी के बारे में जानकारी प्रदान की है। हम उम्मीद करते हैं कि आपको जो भी जानकारी लेकर माध्यम से दिया है आपको जरूर पसंद आएगी। आपको हमारे द्वारा दी गई जानकारी अच्छी लगी तो इसको अधिक से अधिक लाइक शेयर कीजिए।

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